कांवड़ मेले में बड़ा खुलासा: होटल-ढाबों पर ताबड़तोड़ छापे, सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई!

हरिद्वार में सुरक्षा अलर्ट: लाखों शिवभक्तों के लिए ‘ऑपरेशन शुद्ध खाद्य’

हरिद्वार में कांवड़ मेला-2026 से पहले जिला प्रशासन ने लाखों शिवभक्तों के स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की विशेष टीमें जनपदभर में लगातार सघन निरीक्षण अभियान चला रही हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, अस्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों और मेडिकल स्टोरों पर खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना है।

ज्वालापुर में संयुक्त टीम का औचक निरीक्षण: कालातीत दवाइयों और खाद्य सामग्री पर पैनी नजर

सहायक आयुक्त एवं अभिहित अधिकारी महिमानन्द जोशी ने जानकारी दी कि सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के नेतृत्व में चिकित्सा, खाद्य सुरक्षा और ड्रग्स विभाग की एक संयुक्त टीम ने ज्वालापुर के सुभाष नगर क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से कालातीत खाद्य सामग्री और एक्सपायरी दवाइयों की गहन जांच की गई।

  • लगभग छह खाद्य प्रतिष्ठानों और कई मेडिकल स्टोरों की जांच हुई।
  • राहत की बात: किसी भी प्रतिष्ठान पर कालातीत खाद्य सामग्री नहीं मिली।
  • कारोबारियों को सख्त निर्देश: अवधि समाप्त होने पर खाद्य सामग्री को अलग सुरक्षित स्थान पर रखें और बिक्री न करें।

जांच के लिए सैंपल जब्त: गुणवत्ता से समझौता नहीं

निरीक्षण के दौरान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चन्द्र टम्टा ने सुभाष नगर स्थित एक प्रतिष्ठान से खाद्य तेल का नमूना जांच के लिए लिया। यह नमूना प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहां गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच होगी। रिपोर्ट में किसी भी अनियमितता पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। तीन अन्य खाद्य नमूनों को भी जांच के लिए एकत्र किया गया है।

गढ़वाल मंडल तक अभियान का विस्तार: पुल जटवाड़ा से बहादराबाद तक छानबीन

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन गढ़वाल मंडल के उपयुक्त राजेन्द्र सिंह रावत के निर्देशन में सहायक आयुक्त महिमानन्द जोशी और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन सहित उनकी टीम ने पुल जटवाड़ा, ज्वालापुर से लेकर बहादराबाद तक कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भोजन बनाने की प्रक्रिया, रसोई की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण, पेयजल की व्यवस्था और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया।

मुख्य निर्देश और हाइलाइट्स:

  • भोजन पूरी तरह स्वच्छ वातावरण में तैयार किया जाए।
  • खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण हो।
  • केवल ताजा और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों का ही निर्माण और विक्रय किया जाए।
  • खुले में खाद्य सामग्री न रखें, भोजन को ढककर रखें।
  • रसोई और बर्तनों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें।

कांवड़ यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता: स्थायी-अस्थायी प्रतिष्ठानों पर भी एक्शन

संयुक्त टीम ने ललतार पुल, विष्णुघाट, चंडी चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों में संचालित स्थायी एवं अस्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों का भी औचक निरीक्षण किया। दुकानदारों और संचालकों को साफ-सफाई, ताजा भोजन परोसने, दूषित खाद्य सामग्री का उपयोग न करने और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भगवानपुर से रुड़की तक भी चली कार्रवाई: तीन नमूने एकत्र

इसी क्रम में, खाद्य सुरक्षा अधिकारी भगवानपुर पवन कुमार ने कलियर से रुड़की तक कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के तीन नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। कारोबारियों को स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की कड़ी हिदायत दी गई।

उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई: प्रशासन की चेतावनी

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कांवड़ मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने, कालातीत सामग्री बेचने अथवा अस्वच्छ वातावरण में खाद्य सामग्री तैयार करने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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