हरिद्वार में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। ज्वालापुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को अवैध देशी तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है, जिसने शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
मुख्य बातें
- हरिद्वार के ज्वालापुर में हुई गिरफ्तारी।
- ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
- आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद।
- आरोपी की पहचान रईश उर्फ शोयब के रूप में हुई।
- आरोपी का चोरी के मामलों में पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड।
- पुलिस के अनुसार, आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
रात के अंधेरे में यूं पकड़ा गया शातिर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 4 सितंबर की रात गश्त के दौरान ज्वालापुर के पुल जटवाड़ा के आगे पुरानी नहर पटरी बैराज के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। यह बरामदगी ऑपरेशन प्रहार की सफलता का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अपराधों पर अंकुश लगाना है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी? सामने आया चौंकाने वाला रिकॉर्ड
पूछताछ में आरोपी की पहचान रईश उर्फ शोयब पुत्र उमर दराज के रूप में हुई, जो सराय ज्वालापुर का निवासी है। पुलिस ने बताया कि रईश उर्फ शोयब का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में भी चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है। उसका यह पुराना रिकॉर्ड पुलिस की आशंकाओं को और बल देता है।
बड़ी वारदात को अंजाम देने की थी तैयारी?
पुलिस का मानना है कि रईश उर्फ शोयब किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई कार्रवाई से उसे घटना से पहले ही पकड़ लिया गया। इस गिरफ्तारी से हरिद्वार में संभावित अपराध को टाला जा सका है।
पुलिस के अनुसार, “आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन घटना से पहले ही उसे पकड़ लिया गया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।” इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी पुष्कर सिंह चौहान की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
