हरिद्वार। कनखल क्षेत्र में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से एक नाबालिग लड़की को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ कथित रूप से दुष्कर्म करने, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाने तथा ब्लैकमेल करने के सनसनीखेज मामले में हरिद्वार पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को 24 घंटे के भीतर बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं के बीच सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

मुख्य बिंदु

  • कनखल क्षेत्र में इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर दुष्कर्म का आरोप।
  • आरोपी पर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जान से मारने की धमकी देने का भी गंभीर आरोप।
  • हरिद्वार पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बिजनौर से आरोपी अजय उर्फ गोलू को किया गिरफ्तार।

मामले का विवरण और आरोप

पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि अजय नामक युवक ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उनकी नाबालिग बेटी से दोस्ती की। धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला बढ़ने पर युवक ने नाबालिग पर मिलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि एक दिन घर पर किसी के न होने का फायदा उठाकर आरोपी वहां पहुंच गया और नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने नाबालिग के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना लिए। इसके बाद, आरोपी ने इन्हीं फोटो-वीडियो का इस्तेमाल कर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और किसी को भी इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस की तत्परता और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए, पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर कोतवाली कनखल में तत्काल संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। महिला संबंधी अपराधों पर विशेष संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने आरोपी की तलाश में तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। सूचना के आधार पर, पुलिस टीम उसी रात बिजनौर के लिए रवाना हुई और 17 सितंबर को ग्राम नारायणवाला, थाना रेहड़, जिला बिजनौर से आरोपी अजय उर्फ गोलू पुत्र बीरेन्द्र कुमार को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद हरिद्वार से बिजनौर फरार हो गया था।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

हरिद्वार पुलिस ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी अजय उर्फ गोलू को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद संबंधित न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस त्वरित और सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में महिला उपनिरीक्षक सीमा आर्य, अपर उपनिरीक्षक मुकेश धीमान और हेड कांस्टेबल रविन्द्र तोमर शामिल थे, जिन्होंने अपनी पेशेवर दक्षता और तत्परता का परिचय दिया।

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