हरिद्वार। उत्तराखंड शासन के निर्देशानुसार हरिद्वार जिले में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम 22 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस वृहद अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना और आम जनमानस की समस्याओं का त्वरित एवं मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अभियान के सफल संचालन हेतु समस्त संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं सक्रिय भागीदारी के साथ कार्य करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्य बिंदु
- यह विशेष अभियान 22 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
- जिले के 12 विभिन्न स्थानों पर बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन होगा।
- 22 विभागों की सक्रिय भागीदारी से मौके पर ही जनसमस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान का विस्तृत कार्यक्रम
अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से जिले के 12 विभिन्न स्थानों पर बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों की विस्तृत अनुसूची इस प्रकार है: 22 सितंबर को बहादराबाद, 24 सितंबर को भगवानपुर, 26 सितंबर को नगर निगम हॉल रुड़की, 29 सितंबर को नारसन, 1 अक्टूबर को लक्सर, 3 अक्टूबर को खानपुर, 6 अक्टूबर को शिवालिक नगर, 8 अक्टूबर को इब्राहिमपुर, 9 अक्टूबर को मंगलौर, 13 अक्टूबर को पिरान कलियर, 15 अक्टूबर को झबरेड़ा, तथा 17 अक्टूबर को अटल उत्कृष्ट कन्या इंटर कॉलेज भगवानपुर में अंतिम शिविर का आयोजन होगा। इन शिविरों के माध्यम से जनता अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकेगी और सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेगी।
22 विभागों की सक्रिय भागीदारी
इन शिविरों में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, श्रम, स्वास्थ्य, आयुष, शिक्षा, पेयजल, ऊर्जा, वन, पशुपालन, मत्स्य, उद्यान और आपदा प्रबंधन सहित कुल 22 प्रमुख विभाग अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक विभाग द्वारा अपने स्टॉल लगाकर न केवल अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी, बल्कि पात्र व्यक्तियों के लिए आवेदन, पंजीकरण, आवश्यक प्रमाणपत्रों का वितरण और अन्य संबंधित सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी। यह प्रयास सरकार को जनता के द्वार तक लाने और सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पारदर्शिता और त्वरित समाधान पर जोर
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने समस्त उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों और संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक जनमानस को इसकी जानकारी मिल सके। इसके साथ ही, जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिविरों में प्राप्त सभी शिकायतों और आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और संतोषजनक निस्तारण किया जाए। इसका लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ वास्तविक हकदारों तक पहुंचे और जनसमस्याओं का प्रभावी समाधान हो सके, जिससे सुशासन की परिकल्पना साकार हो।
