किसान विरोधी है प्रदेश की भाजपा सरकार, किसानों से करती है भेदभाव : हरीश रावत
हरिद्वार, 19 नवम्बर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किसानों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर वीआईपी किसान घाट पर मौन व्रत और सांकेतिक धरना दिया। धरने की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर याद करके की गई।
इस अवसर पर हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है और किसानों के साथ लगातार भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा, “किसान सबका अन्नदाता है और उसी के साथ भेदभाव हो रहा है। भाजपा विधायक सिर्फ मैदानी-पर्वतीय मुद्दों में जनता को उलझाना चाहते हैं।”
सरकार पर मुख्य आरोप और मांगें
- इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों का 100 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना भुगतान बकाया है, जिससे किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
- गन्ने की कटाई का समय चल रहा है, इसलिए सरकार को तत्काल गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल तय करना चाहिए।
- अन्य भाजपा शासित प्रदेशों में गन्ने का दाम बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उत्तराखंड सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
- किसानों के धान की सरकारी खरीद भी ठीक से नहीं हो रही है, जिससे किसान बेहद परेशान हैं।
धरने में शामिल प्रमुख लोग
इस अवसर पर विधायक अनुपम रावत, विधायक रवि बहादुर, विधायक ममता राकेश, वीरेंद्र रावत, बालेश्वर सिंह, अमन गर्ग, आशीष गोस्वामी, रविश भटीजा, पूनम भगत, अंजू मिश्रा, नलिनी दीक्षित, राजबीर चौहान, संतोष चौहान, रचना शर्मा, राजीव चौधरी, मुरली मनोहर, नितिन तेश्वर, समर्थ अग्रवाल, अनुज गुप्ता, संजय सैनी, सचिन भारद्वाज, तीर्थपाल रवि, गौरव चौहान, जगदीप असवाल, दिव्यांश अग्रवाल, आशु श्रीवास्तव, सुनील सिंह, बलजीत सिंग, मनोज जाटव, सौरव सेनी, राजेंद्र श्रीवास्तव, जगत सिंह रावत, कैलाश चंद, लता जोशी, सीपी सिंह, आदित्य राणा, मंजू गोस्वामी, रामयश सिंह, सुंदर मनवाल, करण राणा, बादल गोस्वामी, दीपक टंडन, कपिल पाराशर, सहित सेठी, निखिल सुदाई, रिषभ वशिष्ट, सुशील राठी, राहुल चौहान, अरबाज मकबूल कुरैशी, शादाब कुरैशी, शशी झा, रवि बाबू शर्मा, ओपी चौहान, बी एस तेजियान, मकबूल कुरैशी, राव अफाक, छम्मान पीर, महेश प्रताप राणा, मृत्युंजे पाण्डेय, तेलु राम, हिमांशु राजपुत, विक्रम शाह, उपेंद्र धीमान, एम दी शर्मा, हिमांशु गुप्ता, विवेक भूषण और मनोज सैनी सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
