नाबालिग लड़की के अपहरण का ‘मास्टरमाइंड’ आखिर गिरफ्त में! पुलिस की इस ‘चालाक चाल’ ने हिला दिया सबको!
रानीपुर, हरिद्वार: एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई में, रानीपुर पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक महत्वपूर्ण आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर चलाए जा रहे वांछित अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने पूरे इलाके में अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं।
मामले की जड़: कैसे हुआ अपहरण और फिर शुरू हुई पुलिस की ‘शिकार’
इस दिल दहला देने वाले मामले की शुरुआत 31 जुलाई 2025 को हुई, जब अनुज तिवारी (निवासी रामधाम कॉलोनी, रानीपुर) ने अपनी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री के घर से अचानक बिना बताए चले जाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही, कोतवाली रानीपुर में तत्काल अपहरण का मुकदमा पंजीकृत किया गया, जिसके बाद पुलिस ने बिना समय गंवाए युद्ध स्तर पर अपनी जांच शुरू कर दी।
मुख्य आरोपी पहले ही दबोचा गया, नाबालिग को मिली ‘आजादी’
पुलिस की अथक प्रयासों और सटीक रणनीति के चलते, 26 अगस्त 2025 को रानीपुर पुलिस टीम ने नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले के मुख्य आरोपी अजय (निवासी बदायूं, उत्तर प्रदेश) को अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों में उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। लेकिन, कहानी में एक और बड़ा मोड़ बाकी था।
फरार ‘मास्टरमाइंड’ दिनेश: पुलिस की महीनों की मेहनत रंग लाई
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरे अपराध में एक अन्य शातिर आरोपी, दिनेश (निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश) ने मुख्य आरोपी अजय का सक्रिय रूप से सहयोग किया था। घटना के बाद से ही दिनेश पुलिस की पकड़ से दूर, फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। रानीपुर पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
आखिरकार, लंबी सुरागरसी और तकनीकी जांच के बाद, रानीपुर पुलिस टीम ने अपनी ‘चालाक चाल’ चलते हुए 31 दिसंबर 2025 को आरोपी दिनेश को ग्राम दादूपुर गोविंदपुर स्थित एक किराये के मकान से धर दबोचा। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी राहत और फरार अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं।
न्यायिक कार्रवाई: पोक्सो अधिनियम के तहत कठोर सजा का प्रावधान
गिरफ्तार आरोपी दिनेश के विरुद्ध अपहरण से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के साथ-साथ पोक्सो अधिनियम (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की गई है। आरोपी को आज माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। रानीपुर पुलिस ने इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
