हरिद्वार में DM का हड़कंप मचाने वाला फरमान: ‘कोई भी पात्र मतदाता नहीं छूटेगा!’ रुड़की में खुद किया निरीक्षण, जानें बड़ा अपडेट!
हरिद्वार में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे।
रुड़की तहसील में DM ने लिया जायजा: ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं!’
शनिवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित अचानक रुड़की तहसील कार्यालय पहुंचे और वहां चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य का जायजा लिया। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया, अब तक हुई प्रगति तथा सत्यापन से संबंधित व्यवस्थाओं की बारीकी से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि एसआईआर का कार्य निर्धारित नियमों और पूरी ईमानदारी के साथ किया जाए।
निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा: शुद्धता पर जोर
डीएम मयूर दीक्षित ने दोहराया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्वाचन प्रक्रिया का एक बेहद अहम हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मतदाता सूची में दर्ज नामों के सत्यापन के दौरान सभी तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों की गंभीरता से जांच हो तथा प्रत्येक मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए।
‘किसी भी परिस्थिति में पात्र का नाम न हटे’: DM का सख्त आदेश
सबसे महत्वपूर्ण बात पर जोर देते हुए, मयूर दीक्षित ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम किसी भी परिस्थिति में पृथक नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र मतदाताओं के नामों का सत्यापन पूरी सावधानी के साथ किया जाए। पुनरीक्षण के दौरान यदि किसी मतदाता से संबंधित जानकारी या दस्तावेज प्राप्त होते हैं तो उनकी नियमानुसार जांच की जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित न होना पड़े।
पारदर्शिता और निगरानी: शिकायत का कोई मौका नहीं
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एसआईआर कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्य की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि मतदाता सूची से संबंधित प्राप्त सूचनाओं और दस्तावेजों का किस प्रकार सत्यापन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है और सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में किसी प्रकार की शिकायत की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कार्य की नियमित निगरानी और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए।
लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़: नागरिकों की भागीदारी का आधार
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में मतदाता सूची की शुद्धता और अद्यतन स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी का आधार बनती है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल होना और सूची का सही एवं अद्यतन रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान आम नागरिकों को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए और उन्हें प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता की आवश्यकता होने पर उचित सहयोग दिया जाए।
अधिकारियों और कर्मचारियों को अंतिम निर्देश
डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान प्राप्त प्रत्येक आवेदन, सूचना और दस्तावेज को निर्धारित मानकों के अनुसार जांचा जाए। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखते हुए सभी पात्र नागरिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कर्मचारियों से अपने दायित्वों का गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्वाचन से जुड़े कार्यों में शुद्धता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ और तहसीलदार विकास अवस्थी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
