OMG! हरिद्वार में बड़ा धमाका: DM के एक आदेश ने उखाड़ फेंके हजारों अवैध कब्जे, अब आपकी बारी!
हरिद्वार जनपद को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के बाद, प्रशासन ने सरकारी परिसंपत्तियों और भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ जोरदार कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा और यातायात की सुगमता सुनिश्चित करना है, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध ढांचों का सफाया
अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अतुल शर्मा ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के मार्गदर्शन में, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 के किनारों पर व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान, रानीपुर झाल से बहादराबाद बाईपास तक और मंगलौर क्षेत्रांतर्गत बिना अनुमति लगाए गए सभी अवैध होर्डिंग, बोर्ड और 14 बड़े अवैध यूनीपोल को हटा दिया गया है। एनएचएआई द्वारा अधिकृत एजेंसी की टीम ने यह कार्रवाई सफलतापूर्वक अंजाम दी है, जिसका सीधा लाभ यातायात की सुगमता और सड़क सुरक्षा को मिलेगा। यह कदम राष्ट्रीय राजमार्ग की मूल संरचना को सुरक्षित रखने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अवैध खोखे और झुग्गियों पर भी चली कार्रवाई की तलवार
सिर्फ बड़े होर्डिंग और यूनीपोल ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अवैध रूप से बनाए गए खोखे और झुग्गी-झोपड़ियां भी प्रशासन के निशाने पर हैं। अतुल शर्मा ने स्पष्ट किया कि इन अवैध कब्जों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भविष्य में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बिना अनुमति के न हो पाए, ताकि हरिद्वार की सड़कें और सार्वजनिक स्थान सभी के लिए सुरक्षित और सुगम बने रहें। इस अभियान से शहर की सुंदरता और व्यवस्था दोनों में सुधार आएगा।
सख्त चेतावनी: अतिक्रमणकारियों की अब खैर नहीं!
प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जनपद में अतिक्रमण के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का यह अभियान हरिद्वार को वास्तव में अतिक्रमण मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जिससे शहर में एक नई व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।
