हरिद्वार में कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारियों का ‘महा-निरीक्षण’! अधिकारी ने खुद परखीं एक-एक व्यवस्थाएं, शिवभक्तों के लिए आई बड़ी खबर!
हरिद्वार। आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। इसी कड़ी में, संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र शेट ने मंगलवार को कांवड़ पटरी का गहन स्थलीय निरीक्षण किया। उनका मुख्य उद्देश्य शिवभक्तों को यात्रा के दौरान सर्वोत्तम सुविधाएं सुनिश्चित करना था। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर संचालित भंडारों और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भंडारों और सेवा शिविरों का गहन अवलोकन
संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट ने सबसे पहले कांवड़ पटरी पर चल रहे सेवा शिविरों और भंडारों का दौरा किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, विश्राम स्थलों की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। श्री शेट ने सेवा शिविरों के स्वयंसेवकों और आयोजकों से बातचीत की और उनके निःस्वार्थ सेवा भाव की सराहना की।
सेवा भाव में शामिल हुए अधिकारी, दिया प्रेरणादायक संदेश
निरीक्षण के दौरान श्री शेट स्वयं भी सेवा कार्यों में सहभागी बने। उन्होंने शिवभक्त कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया और उन्हें प्रसाद व शुद्ध पेयजल वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का भी प्रतीक है। उन्होंने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की निस्वार्थ सेवा समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
चिकित्सा शिविरों की व्यवस्थाएं परखीं
तत्पश्चात, संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कांवड़ पटरी पर स्थापित विभिन्न चिकित्सा शिविरों का दौरा किया। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, आवश्यक दवाइयों के स्टॉक, प्राथमिक उपचार सामग्री, चिकित्सा उपकरणों और एंबुलेंस सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी शिविरों में पर्याप्त दवाइयां, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और आवश्यक उपकरण हर समय उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कांवड़ यात्रियों को तत्काल और उचित उपचार मिल सके।
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य
संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट ने अंत में दोहराया कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्य टीमों और सेवा संगठनों से बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

