• हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 के लिए तीन किलोमीटर से अधिक नए स्नान घाटों का निर्माण युद्धस्तर पर जारी।
  • गंग नहर बंदी की अवधि का उपयोग कर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा रही है।
  • मेलाधिकारी सोनिका और अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की व्यापक तैयारियों के तहत धर्मनगरी हरिद्वार में नए स्नान घाटों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। विभिन्न क्षेत्रों में कुल तीन किलोमीटर से अधिक लंबाई के नए घाट विकसित किए जा रहे हैं। निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए गंग नहर बंदी की अवधि का कुशलतापूर्वक लाभ उठाया जा रहा है, जिसके चलते कार्य दिन-रात प्रगति पर हैं। मेला प्रशासन इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है।

मेला प्रशासन की सक्रिय निगरानी और निर्देश

इसी क्रम में, मेलाधिकारी सोनिका और अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने बीती रात विभिन्न निर्माणाधीन घाटों का गहन स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरे किए जाएं। अधिकारियों ने निर्माण सामग्री और कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया और किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी।

प्रमुख निर्माणाधीन घाट और उनकी स्थिति

कुंभ की तैयारियों के एक अभिन्न अंग के रूप में, सिंचाई विभाग हरिद्वार से बहादराबाद के बीच नौ नए घाटों का निर्माण करा रहा है, जिनकी कुल लंबाई 2,966 मीटर है। अपर गंग नहर के बाएं तट पर स्थित शहीद भगत सिंह घाट से सिंहद्वार के मध्य 321 मीटर लंबे कामधेनु घाट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, अमरापुर घाट, ऋषिकुल पुल, शंकराचार्य चौक और तुलसी घाट क्षेत्रों में भी स्नान घाटों का विकास कार्य जारी है। ऋषिकुल पुल से साक्षी सतनाम घाट के बीच जानकी, लक्ष्मण और भरत घाटों का निर्माण किया जा रहा है। नगर निगम कार्यालय के निकट, बैरागी कैंप, खड़खड़ी, बहादराबाद और ज्वालापुर जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी नए स्नान घाटों का विकास किया जा रहा है। हरकी पैड़ी क्षेत्र की पुनर्विकास योजना के तहत सीसीआर भवन से धनुष पुल के बीच भी एक महत्वपूर्ण घाट का निर्माण हो रहा है।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

इन नए और विस्तारित घाटों के निर्माण से कुंभ मेला 2027 के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्नान की अत्यंत बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह विस्तार प्रमुख घाटों पर अत्यधिक भीड़ के दबाव को कम करने, श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाने और एक व्यवस्थित मेला प्रबंधन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मेला प्रशासन ने इन कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए श्रमिकों और आधुनिक मशीनों की तैनाती में उल्लेखनीय वृद्धि की है, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।

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