हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में, हरिद्वार जनपद में विशेष स्वच्छता अभियान के दूसरे दिन व्यापक स्तर पर सफाई कार्य किए गए। इस पहल का नेतृत्व कुंभ मेलाधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने किया, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 14 मीट्रिक टन कचरा एकत्रित कर उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इस अभियान में नगर निगम, पर्यावरण मित्रों और निजी संस्थाओं की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मुख्य बिंदु
- मुख्यमंत्री के निर्देशों पर हरिद्वार में विशेष स्वच्छता अभियान तीव्र गति से जारी।
- कुंभ मेलाधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के मार्गदर्शन में 14 मीट्रिक टन से अधिक अपशिष्ट का संग्रहण और निस्तारण।
- नगर निगम, अकुम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड और अन्य संगठनों ने मिलकर प्रमुख स्थानों पर सफाई की।
प्रमुख घाटों पर व्यापक सफाई अभियान
अभियान के अंतर्गत, नगर निगम की टीम ने डाम कोठी के निकट मायापुर हेड रेगुलेटर पर एक वृहद सफाई अभियान चलाया, जहाँ से लगभग आठ मीट्रिक टन कचरा एकत्रित किया गया। इसे तत्काल नगर निगम के संयंत्र तक पहुँचाकर वैज्ञानिक विधि से निस्तारण की व्यवस्था की गई। इसी क्रम में, अकुम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की ओर से मालवीय घाट पर विशेष सफाई अभियान संचालित किया गया, जिसमें 35 श्रमिकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इस टीम ने मालवीय घाट से लगभग 60 क्विंटल (6 मीट्रिक टन) कचरा एकत्रित कर उसे निस्तारण के लिए भेजा। इन दोनों प्रमुख अभियानों से कुल मिलाकर लगभग 14 मीट्रिक टन अपशिष्ट का सफल संग्रहण हुआ।

नगर आयुक्त के महत्वपूर्ण निर्देश
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने संबंधित अधिकारियों और सफाई टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गंगा बंदी की अवधि के दौरान घाटों, रेगुलेटरों और आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कूड़े के समयबद्ध संग्रहण, उचित निस्तारण और संपूर्ण सफाई व्यवस्था की निरंतर निगरानी पर विशेष जोर दिया, ताकि पवित्र गंगा घाटों की स्वच्छता और निर्मलता बनी रहे।
अन्य क्षेत्रों में भी स्वच्छता पहल
जनपद में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और क्रियान्वयन को बढ़ावा देते हुए, परिवहन निगम ने भी अपने परिसर में सक्रियता दिखाते हुए रोडवेज परिसर में एक विशेष सफाई अभियान चलाया। इसके अतिरिक्त, भगवानपुर के लोकेश्वरी औद्योगिक क्षेत्र में भी स्वच्छता अभियान के तहत लगभग एक क्विंटल सूखा और गीला कचरा एकत्रित कर उसका प्रबंधन किया गया।

प्रशासन की अपील और अभियान का उद्देश्य
जिला प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी सरकारी विभागों, निजी संस्थानों और आम जनता से निरंतर सहयोग की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाए। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य गंगा घाटों को पूर्णतः स्वच्छ रखना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और आमजन में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना है, ताकि हरिद्वार की पवित्रता और सौंदर्य अक्षुण्ण बना रहे।

