हरिद्वार। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई है। इस क्रम में, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि में बदलाव की घोषणा की गई।
मुख्य बिंदु
- उत्तराखंड में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 3 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा, जो पहले 15 सितंबर निर्धारित था।
- विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति और फॉर्म-6, 7 व 8 के निस्तारण पर विस्तृत चर्चा हुई।
- जिला प्रशासन ने पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने का आश्वासन दिया।
पुनरीक्षण अभियान की वर्तमान स्थिति
अपर जिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब पूर्व निर्धारित 15 सितंबर के बजाय 3 अक्टूबर 2026 को होगा। उन्होंने उपस्थित राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों को फॉर्म-6, 7 और 8 के निस्तारण की वर्तमान स्थिति और प्रक्रिया से अवगत कराया। अपर जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि शेष पुनरीक्षण कार्य को भी पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाएगा, ताकि त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके।

राजनीतिक दलों का सकारात्मक सहयोग
बैठक के दौरान, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एसआईआर अभियान में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित के कुशल नेतृत्व में यह पुनरीक्षण कार्य अत्यंत पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रतिनिधियों ने इस बात पर भी संतोष व्यक्त किया कि सभी दल इसमें पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जिससे मतदाता सूची अद्यतन करने की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है।
बैठक में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में पिरान कलियर विधायक फुरकान अहमद, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालेश्वर सिंह, बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, भाजपा जिला कार्यालय प्रभारी नकली सिंह सैनी, भाजपा रुड़की ग्रामीण जिला महामंत्री संगठन साहिल राणा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य सभी हितधारकों को पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल करना और उनके सुझावों व सहयोग को सुनिश्चित करना था।
