ब्रेकिंग! हरिद्वार कांवड़ यात्रा 2026: नारसन बॉर्डर पर डीएम-एसएसपी का तूफानी दौरा, सुरक्षा को लेकर बड़े खुलासे!
भारी बारिश के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी सर्वोच्च प्राथमिकता
हरिद्वार में चल रही कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लगातार हो रही भारी वर्षा के बावजूद, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आ रहा है। शिव भक्तों की सुरक्षा, सुचारु यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरुवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने नारसन बॉर्डर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और यात्रा को सुरक्षित व निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
सीमा पर चौकसी: कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं!
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने नारसन बॉर्डर पर बने सभी चेक पोस्टों, बैरिकेडिंग व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। जिलाधिकारी और एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
सेवा शिविरों का भी निरीक्षण: समाज सेवा की सराहना
दोनों अधिकारियों ने विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) द्वारा लगाए गए भंडारों और सेवा शिविरों का भी दौरा किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और इन सेवा कार्यों की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि देशभर से बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंच रहे हैं, और प्रशासन, पुलिस तथा सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयासों से यात्रा सफलतापूर्वक चल रही है।
कांवड़ यात्रियों से सीधा संवाद: अनुशासन की अपील
मयूर दीक्षित और नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ यात्रियों से सीधे बात भी की। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि यात्री निर्धारित मार्गों का उपयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके।
नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई: बड़ी कांवड़ और डीजे वापस!
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने साफ कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। 10 फीट चौड़ाई और 12 फीट ऊंचाई से अधिक आकार की कांवड़ तथा निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित डीजे को जनपद की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। ऐसे सभी डीजे और बड़ी कांवड़ को नारसन बॉर्डर से ही वापस भेजा जा रहा है। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात और किसी भी दुर्घटना की आशंका को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। सीमा पर तैनात अधिकारियों को हर वाहन, डीजे और कांवड़ की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं, और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
जलभराव पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश: यात्रियों को मिलेगी राहत
भारी वर्षा को देखते हुए, दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने जनपद के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निकायों, सिंचाई विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि बारिश के कारण कहीं भी जलभराव होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों और कांवड़ यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: हर गतिविधि पर पैनी नजर
नारसन बॉर्डर से हरिद्वार तक पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण करते हुए, अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और हर स्थिति पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने चेतावनी दी कि पुलिस बल पूरी सतर्कता के साथ तैनात है और अफवाह फैलाने वालों या नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



