कांवड़ मेले में चमत्कार! भीड़ में बिछड़ा 8 साल का मासूम लक्ष्य, उत्तराखंड पुलिस ने मिनटों में ढूंढ निकाला – जानिए कैसे!
हरिद्वार, उत्तराखंड: लाखों श्रद्धालुओं से भरे कांवड़ मेले की भारी भीड़ के बीच, उत्तराखंड पुलिस की असाधारण सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी। एक आठ वर्षीय मासूम अपने परिजनों से सकुशल मिल गया, और इसके पीछे पुलिस की अद्भुत तत्परता रही।
दर्दनाक बिछड़ने की घटना
यह हृदयविदारक घटना बैरागी कैंप पार्किंग स्थित पुलिस के खोया-पाया केंद्र पर सामने आई। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के नगला बहलोरपुर निवासी पवन यादव ने अपने 8 वर्षीय पुत्र लक्ष्य के भीड़ में बिछड़ जाने की सूचना दी। पुत्र के खो जाने से पूरा परिवार सदमे में था और हर तरफ तलाश कर रहा था।
उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही, ड्यूटी पर तैनात उत्तराखंड पुलिस के जवानों ने बिना कोई देरी किए, तत्काल आसपास के पूरे क्षेत्र में एक सघन तलाश अभियान शुरू कर दिया। कांवड़ मेला की अथाह भीड़ में, जहां हर कदम पर लाखों लोग थे, पुलिस टीम ने लगातार और अथक खोजबीन जारी रखी। उनकी अथक मेहनत और समर्पण का परिणाम यह रहा कि कुछ ही समय में मासूम लक्ष्य को सकुशल ढूंढ लिया गया।
भावुक क्षण: परिजनों से पुनर्मिलन और आभार
बच्चे के मिलने के बाद, उसे तुरंत उसके चिंतित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बेटे लक्ष्य को सुरक्षित और सही-सलामत वापस पाकर, पवन यादव और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके चेहरों पर खुशी और राहत की चमक साफ देखी जा सकती थी। भावुक परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की दिल खोलकर सराहना की और पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।
इन पुलिसकर्मी की रही अहम भूमिका
इस सराहनीय और मानवीय कार्य में अपर उप निरीक्षक दीपक (सी/239 बटालियन, सीआरपीएफ) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उनकी सजगता, दूरदर्शिता और त्वरित कार्रवाई की उपस्थित सभी लोगों ने भी जमकर प्रशंसा की। उत्तराखंड पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में माहिर हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर आम जनता के लिए किसी देवदूत से कम नहीं।
