कांवड़ मेला 2026: हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण ने निभाई सेवा की अनोखी मिसाल
हरिद्वार, 5 अगस्त – देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित होने वाले वार्षिक कांवड़ मेले का धार्मिक और सामाजिक महत्व बहुत अधिक है। लाखों की संख्या में शिवभक्त दूर-दूर से हरिद्वार आकर गंगाजल भरते हैं और अपने गंतव्य की ओर लौटते हैं। इन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठन अपनी भूमिका निभाते हैं। इसी क्रम में, कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक सराहनीय पहल की है, जिसने श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया।
उपाध्यक्ष सोनिका के निर्देशन में विशेष पहल
हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती सोनिका के कुशल निर्देशन में यह सेवा शिविर आयोजित किया गया। उनका उद्देश्य था कि पवित्र गंगाजल लेकर अपने घर लौट रहे कांवड़ियों को रास्ते में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रा की थकान और गर्मी को देखते हुए, जलपान और प्रसाद वितरण का यह विचार बेहद प्रशंसनीय रहा। उपाध्यक्ष महोदया ने जोर देकर कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता का भी प्रतीक है। प्राधिकरण इस भावना को आत्मसात करते हुए जनसेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।
सचिव प्रत्यूष सिंह के नेतृत्व में सफल आयोजन
इस सेवा शिविर का सफल आयोजन हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण के सचिव श्री प्रत्यूष सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। होटल अलकनन्दा के निकट कांवड़ पटरी मार्ग पर स्थापित इस शिविर में हजारों शिवभक्तों को स्वच्छ पेयजल, शीतल जलपान और प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से देर शाम तक चले इस शिविर में अथक सेवाभाव से कार्य किया गया। कांवड़ियों के लिए विशेष रूप से ग्लूकोज युक्त पेय, बिस्कुट, फल और स्वच्छ पानी की व्यवस्था की गई थी, ताकि वे अपनी ऊर्जा बनाए रख सकें। इस तरह की सुविधा मिलने से कांवड़ियों को अपनी यात्रा जारी रखने में काफी मदद मिली।
श्रद्धालुओं ने सराही प्राधिकरण की मानवीय संवेदना
सेवा शिविर में आए श्रद्धालुओं ने हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण की इस मानवीय पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। एक श्रद्धालु ने कहा, “यह सिर्फ जलपान नहीं, यह हमारी थकान और प्यास बुझाने वाली अमृत धारा है। प्राधिकरण ने जिस सेवा भाव से यह कार्य किया है, वह वास्तव में सराहनीय है।” कई कांवड़ियों ने इसे मानव सेवा और श्रद्धा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया, जिससे उनकी यात्रा और भी सुखद बन गई। धूप और गर्मी में लंबी पैदल यात्रा कर रहे कांवड़ियों के लिए यह शिविर एक वरदान साबित हुआ। शिविर में मिल रही सुविधाओं ने न केवल उनकी शारीरिक थकान कम की, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी ऊर्जावान बनाया।
सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक
इस अवसर पर हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्य में जुटे रहे। उन्होंने कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी यात्रा मंगलमय होने की कामना की। अधिकारियों ने बताया कि यह प्राधिकरण का कर्तव्य है कि वह समाज के हर वर्ग के लिए कार्य करे, खासकर ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों में जहां लाखों लोग एक साथ आते हैं। यह प्रयास सिर्फ एक सेवा शिविर से कहीं अधिक है; यह दर्शाता है कि कैसे सरकारी संस्थाएं भी मानवीय संवेदनाओं के साथ समाज की सेवा कर सकती हैं।
भविष्य में भी जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध एचआरडीए
हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण ने यह संकल्प लिया है कि भविष्य में भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इसी तरह जनसेवा के कार्य करता रहेगा। यह पहल न केवल कांवड़ मेला, बल्कि अन्य बड़े आयोजनों में भी दोहराई जाएगी, ताकि देवभूमि आने वाले हर श्रद्धालु को एक सुखद और यादगार अनुभव मिल सके। प्राधिकरण का यह कदम जनसेवा और सामुदायिक कल्याण के प्रति उसकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का रिश्ता और मजबूत होगा।
