हरिद्वार ज़िले के बिझोली स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों को भी पूरी लगन से निभा रहे हैं। इन्हीं में से एक शिक्षक, अशोक पाल सिंह, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय मुहिम चला रहे हैं, जिससे छात्र और स्थानीय ग्रामीण दोनों ही प्रभावित और प्रेरित हो रहे हैं।
जागरूकता अभियान की प्रेरणा और प्रयास
शिक्षक एवं पर्यावरण मित्र अशोक पाल सिंह ने बताया कि इस अभियान की प्रेरणा देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की जयंती पर केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण जन-जागरूकता कार्यक्रम से मिली। इसी कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए, विद्यालय में छात्रों द्वारा एक पर्यावरण रैली का आयोजन किया गया।
इस रैली में बच्चों ने गांव-गांव जाकर लोगों को पर्यावरण बचाने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश दिया। इस पहल के तहत विद्यालय परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण भी किया गया, जिससे हरियाली को बढ़ावा मिला।
कानूनी आधार और सामाजिक भागीदारी
अशोक पाल सिंह ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने वर्ष 1986 में एक विशेष एक्ट लागू किया था। वे उसी कानून और उसके उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए पिछले एक वर्ष से लगातार विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों की खास बात यह है कि इनमें स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ ग्रामीणों को भी सक्रिय रूप से शामिल किया जाता है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।
अभियान का प्रभाव और भविष्य की योजना
शिक्षक अशोक पाल सिंह की इस अनोखी मुहिम का ग्रामीणों पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। लोग न केवल पर्यावरण के महत्व को समझ रहे हैं, बल्कि स्वयं भी वृक्षारोपण और स्वच्छता के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा और आने वाले दिनों में और भी विशेष पर्यावरण जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
