मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में, धर्मनगरी हरिद्वार को “स्वच्छ, क्लीन और मॉडल जनपद” बनाने की मुहिम ने गति पकड़ ली है। इसी कड़ी में, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वयं धरातल पर उतरकर जनपद में चल रहे सफाई अभियान और प्रवेश द्वारों के सौंदर्यकरण कार्यों का गहन निरीक्षण किया।
विस्तृत निरीक्षण और कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने हरिद्वार से लेकर रुड़की तक के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उनके निरीक्षण के प्रमुख पड़ाव थे:
- एचआरडीए से तुलसी चौक
- डाम कोठी और शंकराचार्य चौक
- सिंहद्वार फ्लाईओवर और ज्वालापुर फ्लाईओवर
- जुर्स कंट्री हाईवे एरिया
- बहादराबाद तिराहा
- महाराणा प्रताप चौक
उन्होंने जोर देकर कहा, “हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार है। लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, ऐसे में शहर का स्वच्छ और सुंदर दिखना अत्यंत आवश्यक है। श्रद्धालु जब हरिद्वार से लौटें तो उन्हें साफ सुथरे और सकारात्मक अनुभव मिलें।”
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को चेतावनी दी कि सफाई अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला पंचायत अभियंता को बहादराबाद से शंकराचार्य चौक तक सड़क किनारे सफाई दुरुस्त रखने और यूपी सिंचाई विभाग को गंगनहर पटरी क्षेत्र में झाड़ी कटान, कूड़ा निस्तारण और अतिक्रमण हटाने के सख्त आदेश दिए।
जनता से अपील और भावी योजना
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपदवासियों से आग्रह किया कि वे घरों से निकलने वाला कूड़ा केवल “कलेक्शन सेंटर या नगर निकायों के कूड़ा वाहनों में ही डालें।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं और कंपनियों का सहयोग भी लिया जाएगा, जिसके लिए जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
निरीक्षण में शामिल अधिकारी
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
- मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार
- एचआरडीए सचिव मनीष कुमार
- तहसीलदार सचिन कुमार
- बीडीओ बहादराबाद मानस मित्तल
- जिला पंचायत अभियंता ईश्वर चंद
- एनएचएआई और यूपी सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारी
