OMG! हरिद्वार में पारा गिरा, शीतलहर का आतंक! जानें कब मिलेगी राहत और क्या है प्रशासन का प्लान?
कड़ाके की ठंड का प्रकोप: हरिद्वार में शीतलहर का कहर
जनवरी 2026 की शुरुआत के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में ठंड ने अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को जिले में मौसम बेहद सर्द बना रहा, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हरिद्वार में इस कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए लोग हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
तापमान और जनजीवन पर असर: पारा गिरा, लोग ठिठुरे!
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान लगभग 11.1 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 14.9 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने की संभावना है। सुबह और देर शाम चल रही ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों से निकलते समय गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखाई दिए। शहर के चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव के आसपास भारी भीड़ जमा रही, जो बढ़ती हरिद्वार की ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रही थी।
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की तैयारी: क्या होगा आगे?
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है, जिससे शीतलहर का प्रभाव और तेज होने की आशंका है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन की ओर से विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और असहाय लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई है, ताकि वे ठंड के हानिकारक प्रभावों से बच सकें। हरिद्वार जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
जरूरतमंदों को राहत: नगर निगम की पहल
ठंड से जूझ रहे जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए हरिद्वार नगर निगम भी सक्रिय हो गया है। निगम द्वारा रैन बसेरों, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर अलाव की उचित व्यवस्था की जा रही है। यह पहल उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जिनके पास ठंड से बचने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। हरिद्वार में श्रद्धा और सतर्कता का यह संगम इस कड़ाके की ठंड में एक मिसाल पेश कर रहा है। नगर निगम हरिद्वार की यह व्यवस्था सराहनीय है।
