हरिद्वार में नशा माफियाओं पर बिजली गिरी! DM ने सुनाया फरमान, अब हर मेडिकल स्टोर पर लगेगा CCTV



हरिद्वार में नशा माफियाओं पर बिजली गिरी! DM ने सुनाया फरमान, अब हर मेडिकल स्टोर पर लगेगा CCTV

हरिद्वार जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए एक बड़ा और कड़ा अभियान शुरू हो गया है! जिला प्रशासन ने नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर नशा माफियाओं और अवैध कारोबारियों पर पड़ेगा।

शिक्षण संस्थानों के पास ‘ज़ीरो टॉलरेंस’

नशे के बढ़ते खतरे से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने विशेष जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में गुटका, तंबाकू और नशे से संबंधित किसी भी पदार्थ की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण करने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर छात्रों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देने को भी कहा गया है।

मेडिकल स्टोरों पर अब नहीं चलेगी मनमानी! CCTV और सख्त निगरानी

नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को सख्त चेतावनी दी है। जनपद में संचालित सभी मेडिकल दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाना अनिवार्य कर दिया गया है। संबंधित अधिकारी दवाओं के स्टॉक, बिक्री और रिकॉर्ड की नियमित जांच करेंगे। यदि किसी मेडिकल स्टोर पर बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित अथवा नशीली दवाओं की बिक्री पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नशा मुक्ति केंद्रों की भी होगी कड़ाई से जांच

न सिर्फ नशे पर अंकुश लगाने, बल्कि नशे के शिकार लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए भी प्रशासन गंभीर है। जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इस दौरान केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, पंजीकृत लोगों, उपचार व्यवस्था, चिकित्सकीय सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं के साथ-साथ निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति की जांच की जाएगी। उनका स्पष्ट निर्देश है कि उपचार के लिए आने वाले लोगों को केंद्रों में बेहतर और मानवीय वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए

आपकी मदद से ही रुकेगा नशा! हेल्पलाइन 1933

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आमजन से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि आपको जनपद में कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या वितरण की जानकारी मिलती है, तो आप हेल्पलाइन नंबर 1933 पर सूचना दे सकते हैं। आपकी दी गई जानकारी पर संबंधित विभाग तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। नशे के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है, ताकि युवाओं को खेल, शिक्षा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे से दूर रखा जा सके।

बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म (NCORD) की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, सचिव जिला विधिक प्राधिकरण सिमरनजीत कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर नेहा सहित संबंधित विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर जनपद को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।


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