हरिद्वार में सहकारिता क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। मंगलौर पूर्वी और मंगलौर पश्चिमी की बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ सहकारिता नेता श्री सुशील राठी के नेतृत्व में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द से एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल में सभापति, उपसभापति और जिला सहकारी बैंक सहित अन्य सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल थे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य

इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य चुनाव परिणामों की जानकारी देना और भविष्य की कार्ययोजना पर मार्गदर्शन प्राप्त करना था। प्रतिनिधिमंडल ने स्वामी यतीश्वरानन्द को विश्वास दिलाया कि वे सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहेंगे।

स्वामी यतीश्वरानन्द का मार्गदर्शन और शुभकामनाएं

स्वामी यतीश्वरानन्द ने सभी नव-निर्वाचित सदस्यों को उनकी शानदार जीत पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने सहकारी समितियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा:

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़: सहकारी समितियाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार हैं, इसलिए इनका मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है।
  • पारदर्शिता और सेवा: सभी पदाधिकारियों को पारदर्शिता, सेवा और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
  • भविष्य की अपेक्षाएं: उन्होंने उम्मीद जताई कि नई टीम क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करके सहकारिता आंदोलन को एक नई दिशा देगी।

नई टीम का संकल्प

पूर्व मंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर, सभी प्रतिनिधियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि वे स्वामी यतीश्वरानन्द के नेतृत्व में सहकारिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। इस मुलाकात ने क्षेत्र के सहकारिता जगत में एक नए उत्साह और सकारात्मकता का संचार किया है।

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