सददाम हुसैन।
हरिद्वार। ऋषिकुल मैदान, हरिद्वार में जारी सहकारिता मेला 2025 के चौथे दिन शुक्रवार को मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रतिभाग कर कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। यह मेला पूरे प्रदेश में सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
सहकारिता के क्षेत्र में प्रदेश की बड़ी उपलब्धियाँ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरे भारत वर्ष में सहकारिता वर्ष मनाया जा रहा है। इसी के तहत उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में सहकारिता मेले आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और एसईजी को सहकारिता से जोड़ा जा सके।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सहकारिता के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है। अब तक 30 लाख लोगों को सहकारिता से जोड़ा जा चुका है और आने वाले समय में इस संख्या को 50 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह लक्ष्य शीघ्र ही पूरा होगा, क्योंकि सहकारिता मॉडल में लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग—देश से विदेश तक
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मंत्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य स्थानीय उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग करना है, ताकि उत्तराखंड के पारंपरिक, प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की पहचान विश्व स्तर पर मजबूत हो। उन्होंने कहा कि सहकारिता के मॉडल के माध्यम से छोटे किसानों, कारीगरों और महिलाओं को बड़े बाजारों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके।
महिलाओं को सशक्त करने पर विशेष जोर
डॉ. रावत ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रदेश में 33 प्रतिशत आरक्षण की नीति के अंतर्गत सहकारिता संस्थाओं के हालिया चुनावों में 250 महिलाएँ अध्यक्ष, 160 महिलाएँ उपाध्यक्ष और 2500 महिलाएँ सहकारिता बोर्ड की सदस्य चुनी गई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए हर जिले में 3 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्रशिक्षण, विपणन सहायता और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
हर गाँव में सहकारिता—1200 नई सोसाइटी का निर्माण
मंत्री रावत ने कहा कि सहकारिता को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सरकार हर गांव में एक सहकारी समिति का गठन कर रही है। वर्तमान में 1200 नई सोसाइटी का निर्माण तेज गति से चल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने सहकारिता को एक अलग मंत्रालय के रूप में स्थापित कर इसे नई दिशा दी है।
पात्र लाभार्थियों को चेक वितरण
कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए। इनमें—
अलंकारिक मत्स्य जीवि समिति को 15.60 लाख रुपये
गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह को 6 लाख रुपये
मत्स्य जीवि समिति मानिकपुर आदमपुर (भगवानपुर) को उत्कृष्ट मत्स्य प्रदर्शन के लिए प्रमाण पत्र
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान योजना के अंतर्गत 10 लाभार्थियों को ऋण चेक
इन वितरणों के माध्यम से सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया कि आर्थिक सहायता और योजनाओं का लाभ सीधे जमीन पर कार्य कर रहे समूहों तक पहुँच रहा है।
सांस्कृतिक एवं खेल कार्यक्रमों ने बांधा समां
सहकारिता मेले के दौरान बच्चों ने मलखम का आकर्षक और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं द्वारा योगाभ्यास, चित्रकला, नृत्य और अन्य प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिन्होंने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। मंत्री रावत ने सभी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अतिथियों का स्वागत और सम्मान
मुख्य अतिथि मंत्री धन सिंह रावत का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
अनेक गणमान्य हुए उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
अपर निबंधक सहकारिता विभाग ए. डी. शुक्ला
सह मीडिया संयोजक विकास तिवारी
सुशील त्यागी
पूर्व जिला सहकारिता अध्यक्ष प्रदीप चौधरी
इसके अलावा जिला महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व राज्य मंत्री सुशील चौहान, मंडल अध्यक्ष सुनील सैनी, जिला सहायक निबंधक सहकारिता मोनिका चुनेरा, जिला सहकारी बैंक प्रबंधक सौ. सिंह सहित विभिन्न सहकारिता संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधि, विद्यार्थी, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सहकारिता मेले ने जगाई नई उम्मीदें
सहकारिता मेला 2025 न केवल स्थानीय उत्पादों और समूहों के लिए मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा भी दे रहा है। मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री रावत के विचारों ने स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड सरकार सहकारिता के माध्यम से आर्थिक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।
