सददाम हुसैन –
हरिद्वार। किसी भी आपदा, आतंकी घटना या आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और समन्वय को परखने के उद्देश्य से हरिद्वार पुलिस विभाग ने आज शहर के तीन प्रमुख स्थलों—हरकी पैड़ी मालवीय घाट, घंटाघर और सुभाष घाट—पर व्यापक मॉक ड्रिल अभ्यास किया। इस अभ्यास में पुलिस, बीडीएस, एसओजी, एटीएस, फायर सर्विस, क्यूआरटी, सिविल डिफेंस, मेडिकल टीम और एलआईयू सहित सभी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों ने भाग लिया। पूरे अभ्यास को इंसीडेंट कमांडर एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा के नेतृत्व में संचालित किया गया।
पहला मॉक ड्रिल: हरकी पैड़ी मालवीय घाट पर संदिग्ध बैग से मची अफरातफरी
दोपहर करीब 2 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि हरकी पैड़ी मालवीय घाट पर शंकराचार्य जी की मूर्ति के पास संदिग्ध बैग रखा हुआ है। सूचना मिलते ही हरकी पैड़ी चौकी इंचार्ज ने बिना कोई भय फैलाए भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से लोगों को व्यवस्थित रूप से बाहर निकाला।
कुछ ही देर में बीडीएस (बम निरोधक दस्ता), डॉग स्क्वॉड, एसओजी, एटीएस, सीआईडी, क्यूआरटी और मेडिकल टीम मौके पर पहुंच गई। इलाके की तुरंत बेरिकेडिंग की गई, आसपास के रास्तों को बंद किया गया और सुरक्षा घेरा तैयार किया गया।
बीडीएस टीम ने सेंसर और अन्य तकनीकी उपकरणों से बैग की जांच की जबकि डॉग स्क्वॉड ने भी बैग को सूँघकर उसमें संदिग्ध वस्तु होने का संकेत दिया। संभावित विस्फोटक की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की और संदिग्ध वस्तु को समय रहते सुरक्षित नियंत्रण में ले लिया।
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली जब उन्हें पता चला कि यह एक मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य केवल सुरक्षा तैयारी को परखना था।
दूसरा मॉक ड्रिल: घंटाघर पर दो लोग बने बंधक, एटीएस ने संभाला मोर्चा
दूसरी मॉकड्रिल में स्थिति और गंभीर बनाई गई। हरकी पैड़ी स्थित घंटाघर क्षेत्र में सूचना दी गई कि दो संदिग्ध व्यक्तियों ने कुछ लोगों को बंधक बना लिया है।
एटीएस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरा। प्रशिक्षित कमांडोज ने अपहरणकर्ताओं को कम समय में न्यूट्रलाइज किया और सभी बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लिया।
इस अभ्यास का उद्देश्य एटीएस की प्रतिक्रिया गति, रणनीति, भीड़ नियंत्रण और खतरे को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया को परखना था, जिसमें टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
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तीसरा मॉक ड्रिल: सुभाष घाट स्थित चाय की दुकान पर आग, दमकल टीम ने फौरन पाया काबू
कंट्रोल रूम को तीसरी सूचना मिली कि सुभाष घाट पर स्थित एक चाय की दुकान में आग लग गई है।
दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, आग को चारों तरफ फैलने से रोका और कुछ ही मिनटों में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
खुशनसीबी रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़ी क्षति नहीं हुई।
यह अभ्यास अग्निशमन विभाग की प्रतिक्रिया क्षमता और भीड़भाड़ वाले धार्मिक क्षेत्रों में त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।
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एजेंसियों के सामूहिक समन्वय की हुई जांच
एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा ने बताया कि पूरा मॉक ड्रिल तीन चरणों में आयोजित किया गया ताकि पता चल सके कि वास्तविक घटना की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से काम करती हैं।
उन्होंने कहा—
“हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी घटना के दौरान कम से कम समय में जोखिम को नियंत्रण में लाया जाए और किसी भी जान-माल की हानि न हो। इस अभ्यास से यह आंकलन किया जाएगा कि किस एजेंसी का रिस्पांस टाइम कैसा रहा और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।”
सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल, भीड़ प्रबंधन, मार्ग अवरोधन, मेडिकल रेस्पॉन्स, बम निरोधक प्रक्रिया और आकस्मिक परिस्थितियों में निर्णय क्षमता का परीक्षण किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ अभ्यास
पूरे मॉक ड्रिल के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने अभ्यास को और अधिक प्रभावी एवं संगठित बनाया। इनमें शामिल रहे—
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, एएसपी सदर निशा यादव, एएसपी ज्वालापुर जितेंद्र चौधरी, सीओ सिटी शिशुपाल नेगी, सीओ ट्रैफिक संजय चौहान, अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव
एलआईयू इंस्पेक्टर विवेक
साथ ही विभिन्न थानों के इंचार्ज और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे।
