उच्च शिक्षा मंत्री के खिलाफ भ्रामक समाचार: कड़ी कार्रवाई की मांग

स्थानीय एसएमजेएन महाविद्यालय में उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत के संबंध में सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों की निंदा के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया। यह बैठक प्राचार्य प्रोफेसर सुनील कुमार बत्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

प्रबंध समिति का कड़ा रुख

महाविद्यालय के प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्रीमंहत रवींद्रपुरी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री के विरुद्ध इस प्रकार की भ्रामक खबरें फैलाने वाले व्यक्ति या समूहों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित इस तरह की फेक न्यूज़ को लोकतंत्र के लिए एक वास्तविक खतरा बताया।

प्राचार्य और शिक्षकों ने की निंदा

प्राचार्य सुनील कुमार बत्रा ने बताया कि फेसबुक के माध्यम से किसी अज्ञात व्यक्ति ने उच्च शिक्षा मंत्री के बारे में तथ्यहीन पोस्ट प्रसारित की है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की यह आकस्मिक सभा उक्त भ्रामक प्रचार फैलाने वाले व्यक्ति पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने का प्रस्ताव पारित करती है। उन्होंने सरकार से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी मांग की। प्राचार्य ने मंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विगत 8 वर्षों में उत्तराखंड की उच्च शिक्षा के लिए अत्यंत प्रभावी कार्य किया है।

अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉक्टर संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि सरकार को सोशल मीडिया पर इस प्रकार की फेक न्यूज़ पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाए जाने वाले ऐसे चित्र या वीडियो जो किसी व्यक्ति का चरित्र हनन करते हैं, उन पर भी रोक लगनी चाहिए।

विभाग अध्यक्षों ने की कार्रवाई की मांग

समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जे सी आर्य ने कहा कि यह बैठक समस्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों के साथ माननीय उच्च शिक्षा मंत्री के बारे में फैलाई गई भ्रामक खबर की कड़ी निंदा करती है। राजनीति विज्ञान के विभाग अध्यक्ष विनय थपलियाल ने भी सरकार से दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

इस अवसर पर अन्य शिक्षकों ने भी अपने विचार रखे और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिनमें शामिल हैं:

  • डॉक्टर सरोज शर्मा
  • डॉक्टर यादवेंद्र सिंह
  • डॉक्टर लता शर्मा
  • डॉक्टर रिचा मिनोचा

इस निंदा सभा में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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