कांवड़ यात्रा 2026: रोता हुआ मासूम नहर पटरी पर मिला, उत्तराखंड पुलिस ने टेक्नोलॉजी से ऐसे खोज निकाली मां, कहानी कर देगी हैरान!
कांवड़ यात्रा 2026 के पावन अवसर पर एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई है, जहाँ उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से एक खोए हुए बच्चे को सकुशल उसके परिजनों से मिलाया गया। यह वाकया पुलिस के मानवीय पक्ष और टेक्नोलॉजी के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
नहर पटरी पर मिला बिछड़ा हुआ मासूम
आज दिनांक 05/08/2026 की शाम, नहर पटरी दौलतपुर में तैनात उत्तराखंड पुलिस के जवानों को एक 6 वर्षीय बच्चा बदहवास अवस्था में रोता हुआ मिला। बच्चा अपने माता-पिता से बिछड़ गया था, जिससे वह काफी परेशान दिख रहा था। जवानों ने तुरंत बच्चे को अपनी सुरक्षा में लिया और उससे जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया।
टेक्नोलॉजी बनी सहारा: बच्चे की पहचान और परिवार से संपर्क
पुलिस की पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम वंश और अपनी माँ का नाम पूजा बताया। उसने अपने गाँव का नाम नूरपुर मुजफ्फरनगर बताया। यह महत्वपूर्ण जानकारी मिलते ही, पुलिस ने तत्काल कंट्रोल रूम हरिद्वार व रुड़की को सूचित किया। इसके बाद, आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए, पुलिस ने गूगल मैप पर बताए गए गाँव नूरपुर को खोजा। गाँव में स्थित एक जनरल स्टोर संचालक से संपर्क कर और फिर बच्चे के घर का नंबर प्राप्त कर उसकी मां से मोबाइल के जरिए बात की गई।
भावुक मिलन: मां की गोद में वापस आया वंश
मोबाइल पर बातचीत के दौरान पता चला कि बच्चे की मां पूजा अपने बेटे को कलियर क्षेत्र में तलाश कर रही थी। उत्तराखंड पुलिस की टीम तुरंत महिला के पास पहुंची और वंश को सकुशल सुपुर्द किया गया। अपने जिगर के टुकड़े को वापस पाकर मां पूजा की खुशी का ठिकाना न रहा। उन्होंने इस नेक कार्य के लिए उत्तराखंड पुलिस का दिल से धन्यवाद किया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि मुश्किल की घड़ी में उत्तराखंड पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि मानवता की भी मिसाल पेश करती है।

